भोलेनाथ के जयकारों के साथ गूंजी हजारों डमरूओं की आवाज
भोलेनाथ के जयकारों के साथ गूंजी हजारों डमरूओं की आवाज
शिव भक्तों ने एक साथ डमरू बजा कर मनाया नाद महोत्सव
बरेली।। बरेली कॉलेज के मैदान में जुटे लगभग दस हजार शिव भक्तों ने एक साथ डमरू नाद करके कीर्तिमान रचा है। भगवान भोलेनाथ का जयघोष करते हुए शिव तांडव स्त्रोत पर डमरू बजाकर नाचते हुए भोले के भक्तों ने वातावरण को शिवमय बना दिया है। इस अवसर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डा. हरीश रौतेला ने आवाहन किया कि बरेली की पहचान नाथ नगरी के रूप में हो इसके लिए आम लोगों को आगे बढ़कर आना होगा। महा शिवरात्रि से पूर्व शहर में चल रहे नाथ महोत्सव के अन्तर्गत बरेली कॉलेज के मैदान में डमरू नाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डा. हरीश ने कहा कि भगवान शिव त्याग और समर्पण के प्रतीक हैं। समुद्र मंथन के बाद जब सभी के बीच अमृतपान की होड़ थी ऐसे समय में विष पान कर सृष्टि को बचाने का काम भगवान नीलकंठ ने किया था। सेतुबंध रामेश्वरम को बनाने से पूर्व भगवान राम ने भी शिव की स्तुति की थी। बरेली तो स्वयं नाथ नगरी है। शासन और प्रशासन के प्रयासों से नाथ गलियारा बन रहा है। शहर के प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। यहां पर भगवान शिव के प्रतीकों को स्थापित किया जा रहा है। लेकिन अब हम लोगों को भी दायित्व है कि नाथ नगरी बरेली की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को पुनर्स्थापित करने के लिए हमारा कार्य और व्यवहार उसी के अनुकूल हो। उन्होंने कहा कि नागरिक अनुशासन, पर्यावरण सुरक्षा, स्वदेशी, सामाजिक समरसता और कुटुम्ब प्रबोधन के माध्यम से परिवर्तन के लिए प्रयास किए जाएं। इससे पूर्व माननीय प्रांत संघचालक शशांक भाटिया जी, प्रांत प्रचारक डा. हरीश रौतेला जी, प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. अरूण कुमार, बाल व्यास रोहितानन्द महाराज आदि ने दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम कर शुभारम्भ किया। इसके बाद भगवान श्री राम, माता सीता, लखन लाल और हनुमान जी की सुन्दर झांकी निकाली गई। इसका स्वागत विभाग सह संघचालक राजकुमार और सह प्रांत कार्यवाह राजपाल सिंह , विभाग प्रचारक धर्मेंद्र भारत , महानगर प्रचारक मयंक साधु आदि ने स्वागत किया। कृष्णा ग्रुप और प्रसिद्ध भजन गायिका अंजली द्विवेदी के भजनों पर वहां उपस्थित शिव भक्तों ने डमरू बजाकर नृत्य किया। शिब्बकी भक्ति में लीन नाथ नगरी ने निवासी शिव स्वरूप में डमरू बजाकर आनंदित हो रहे थे। उन्होंने कहा की डमरू नाद से सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होगा।कलाकार साधना ने शिव तांडव स्त्रोत की मनोहारी नाट्य प्रस्तुति दी। इस अवसर पर प्रांत प्रचारक डा. हरीश , वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. अरूण कुमार, महापौर डा. उमेश गौतम ने पत्रिका ‘‘शिवोदय’’ का विमोचन किया। विभाग प्रचारक धर्मेद्र भारत ने सभी से अपील की कि वे कल आयोजित होने वाले सप्त नाथ पैदल परिक्रमा में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाएं। संचालन डा. गोविन्द दीक्षित ने किया। कार्यक्रम में सरोजनाथ महाराज, लाल बाबा , नीरजानन्द महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप, विधायक डा. राघवेंद्र शर्मा, डा. डीसी वर्मा, डा. एमपी आर्या, संजीव अग्रवाल एमएलसी महाराज सिंह, विभाग प्रचार प्रमुख धर्मेंद्र सचान, महानगर सह कार्यवाह आलोक प्रकाश, प्रसून अग्रवाल, पवन अरोरा, दुर्गेश गुप्ता, भाजपा के महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना आदि मौजूद थे। आज महा शिवरात्रि के अवसर पर आठ मार्च को सप्त नाथ मंदिर परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। यंह नाथ परिक्रमा धोपेश्वर नाथ मंदिर से प्रातः साढ़े दस बजे प्रारम्भ होकर तपेश्वर नाथ मंदिर, मणिनाथ, अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, बनखण्डी नाथ मंदिर होते हुए पशुपति नाथ मंदिर पर शाम को लगभग साढ़े आठ बजे पहुंचेगी। यहां महा आरती के आयोजन के बाद यात्रा का विश्राम होगा। नाथ नगरी के सात नाथ मंदिरों के लगभग 32.5किलोमीटर लम्बे मार्ग पर शिव भक्त पैदल परिक्रमा करेंगे।