25 दिसंबर को निकाला जाएगा विशेष बाल खालसा मार्च
25 दिसंबर को निकाला जाएगा विशेष बाल खालसा मार्च
पूरा कार्यक्रम बच्चों द्वारा किया जाएगा आयोजित
बरेली। सिख समाज का स्वर्णिम इतिहास त्याग, धर्मं रक्षा, शहादत और वीरता पर लिखा गया है। अधर्म और अन्याय के खिलाफ सिख समाज के लोगों ने बढ-चढक़र कुर्बानियां दीं। इतिहास गवाह है कि इन कुर्बानियों का जिनको देने में मासूम बच्चे भी पीछे नहीं रहे और हंसते-हंसते अधर्म और अन्याय के खिलाफ शहीद हो गए, लेकिन आज की युवा पीढ़ी इंटरनेट की दुनिया में खोती जा रही है। लिहाजा उसे अपने स्वर्णिम इतिहास और वीर सिंघों की शहादत से रूबरू कराने के लिए नन्हे बच्चों द्वारा बाल खालसा मार्च का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सिख समाज के छोटे-छोटे बालक-बालिकाएं सम्पूर्ण खालसायी स्वरूप में मार्च में शामिल होंगे। खालसा पंथ की स्थापना सिक्खों के पहले गुरू श्रीगुरू नानक देव जी ने की थी। गोबिंद सिंघ साहिब जी को जब औरंगजेब एवं पहाड़ी राजाओं ने कुरान एवं गाय की कसम खा कर भी धोखा दिया, फलस्वरूप दस लाख की फौज से लङ़ते हुए अपने दो बड़े पुत्रों बाबा अजीत सिंघ 16 वर्ष एवं बाबा जुझार सिंघ 14 वर्ष अपने हाथों से तैयार कर एवं शस्त्र सजा कर मुगलों की 10 लाख की फौज का सामना करने के लिए चमकौर की जंग में भेज दिया जहां उन्होंने शहीदी प्राप्त की। इसके बारे में जोगी अल्लाह यार खान ने लिखा- बस हिंद में एक ही तीरथ है यात्रा के लिए। कटाए बाप ने बच्चे जहां खुदा के लिए। वहीं उनके दो पुत्र, बाबा जोरावर सिंघ 2 वर्ष एवं बाबा फतेह सिंघ 5 वर्ष, जिन्हें गंगू ब्राह्मण (रसोइया) की ग़द्दारी के कारण वज़ीर खां ने दीवार में चुनवा दिया। इन्हीं चार साहिबजादों की शहादत की याद में 25 दिसंबर को दोपहर 12 बजे गुरुद्वारा जनकपुरी से बाल खालसा मार्च निकाला जाएगा जो कि मुख्य मार्गो से होते हुए गुरुद्वारा गुरू गोबिंद सिंघ नगर माडल टाउन पर समाप्त होगा। जिसका संपूर्ण संचालन खालसायी स्वरूप में बालक बालिकाएं ही करेंगे। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी एवं गुरू का कीर्तन, गतका भी स्वयं बालक-बालिका करेंगे। इस संबंध में एक प्रेसवार्ता शुक्रवार को की गई जिसमें जप सिमरन कौर, दिलप्रीत कौर, मनदीप कौर, समरथदीप कौर, गुनीत कौर, मिलनदीप सिंह, जश्नप्रीत कौर, गुरबाणी कौर, हरगुन कौर, हर्षदीप सिंह, हरकीरत सिंह, अर्शदीप सिंह, प्रभलीन कौर, दिलप्रीत सिंह, प्रभांश सिंह, मनप्रीत कौर, गुनप्रीत कौर व दमनजीत कौर शामिल रहे।