इन्द्र देव के प्यार से बच गए रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के प्राण
इन्द्र देव के प्यार से बच गए रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के प्राण
बरेली बरेली क्लब मैदान में आयोजित दशहरा मेले में शनिवार देर रात बरेली के लोग अनोखे क्षणों के साक्षी बने। रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को रस्सियों के सहारे खड़ा किया गया। शहर के लोग काफी उत्साहित थे। मेले के अंतिम दिन प्रवेश फ्री करने से बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई। हर कोई रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को दहन होते देखना चाह रहा था, लेकिन शाम को हुई बारिश से पुतले पहले से काफी भीग चुके थे। रात करीब 9 बजे के बाद मेघनाथ के पुतले को आग लगाई मगर पुतले ने आग नहीं पकड़ी। पुतला काफी देर तक सुलगता रहा। बाद में मेला कमेटी के निर्देश पर पुतलों को एक-एक करके गिराया गया। विचित्र बात यह रही कि कुंभकरण का पुतला जहां गिरा।
उसी के ऊपर रावण का पुतला भी गिराया। दोनों भाइयों के पुतले जले तो नहीं लेकिन एक दूसरे के ऊपर गिरने के क्षणों को भीड़ ने कैमरे में कैद जरूर किया। सालों से लगते आ रहे दशहरा मेले में पहली बार हुआ कि रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के पुतले नहीं जल सके। वहीं मॉडल टाऊन में लगने वाला मेला भी इस बार नही लगा था