तीन नए कानून लागू होने पर लोगों को एडीजी व अभियोजन अधिकारी ने किया जागरूक
तीन नए कानून लागू होने पर लोगों को एडीजी व अभियोजन अधिकारी ने किया जागरूक
बरेली : पूरे भारत में एक जुलाई को 3 नए कानून लागू किए गए है जोकि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम हैं। इसी को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश के सभी थानों में जनता को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में आज शहर कोतवाली में एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने लोगों को जागरूक किया और लागू हुए तीनों नए कानूनों के बारे में बताया। मीडिया से बात करते हुए एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने कहा कि जो कानून अब तक भारत में लागू थे, वह लगभग 150 साल पुराने थे। अब नए तीन कानून लागू किए गए हैं इन कानूनों से लोगों को न्याय पाने में सहूलियत मिलेगी और यह तकनीकी युग है, इसमें तकनीक को भी समावेशित किया गया है। इस कानून के तहत लोगों को बहुत राहत मिलेगी तथा लोगों को न्याय दिलाने में यह कानून बहुत ही सहयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रोग्राम में गणमान्य लोगों को शामिल किया गया है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को बुलाकर इन कानून के बारे में जागरूक किया गया है। जो कानून अब तक लागू थे वह बहुत ही पुराने थे नए युग के हिसाब से इन कानूनों को लागू किया गया है और लोगों को लगातार इन कानूनों के बारे में जागरूक किया जाता रहेगा। इन तीनों कानून पर अपर निदेशक अभियोजन अधिकारी अवधेश पांडे ने कहा कि अब जो 3 नए कानून लागू किए गए हैं , इन कानूनों से भारतीय संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। पहले के कानून में भारतीय दंड संहिता कानून था, जबकि अब भारतीय न्याय संहिता , भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम कानून बनाए गए हैं पहले के कानून में जी दंड शब्द का इस्तेमाल किया गया था अब नए कानून में न्याय शब्द का इस्तेमाल किया गया है इन कानून से सभी को न्याय मिल सकेगा। अब इन कानूनों को अंग्रेजी में नहीं बोला जाएगा हिंदी में ही इन कानूनों का नाम लिया जाएगा। इन कानूनों के माध्यम से लोगों को न्याय पाने में बहुत ही आसानी होगी। साथ ही बताया पहले ऐसा होता था कि जिस जगह पर अपराध घटित होता था उसी थाने में एफआईआर दर्ज हो पाती थी अब कहीं पर भी रहकर एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है और इस एफआईआर का नाम जीरो एफआईआर होगा। जो ई एफआईआर दर्ज की जाएगी उसमे 3 दिन के अंदर वादी को थाने में पहुंचकर अपने हस्ताक्षर करना होंगे। अब लोगों को समय पर न्याय मिल पाएगा इन कानून के जरिए लोगों के न्याय पाने का समय मुकर्रम कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी दृष्टि से बनाए गए नए कानून बहुत ही सही कानून हैं और सभी इसकी सराहना कर रहे हैं।
बॉक्स
सभी जान ले क्या हुए बदलाव
वारदात – भादवि – बीएनएस
हत्या – 302 – 103 (1)
हत्या का प्रयास – 307 – 109
दुष्कर्म – 376 (1) – 63
ठगी व धोखाधड़ी – 420 – 318 (4)
छेड़छाड़ – 354 – 74
चोरी- 379 – 303 (2)
दहेज उत्पीड़न – 498 (ए) – 85
दहेज हत्या – 304 बी – 80 (2)
लूट – 392 – 309 (4)
डकैती – 310 (2)
नाबालिग से दुष्कर्म पर अब मृत्युदंड की सजा।
जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के सैकड़ों मुकदमे अदालत में चल रहे हैं। इन मामलों में अभी तक 20 साल या आजीवन सजा का प्रावधान था। लेकिन अब इसमें आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है।
पुलिस नये कानून का स्वागत करने के लिए है तैयार।
शिवराज, नोडल अधिकारी ने बताया कि पुलिस नये कानून का स्वागत करने के लिए तैयार है। जिले में 35 सौ पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। रात 12 बजे के बाद से नए कानून के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा रही हैं।