आखिर क्यों डॉक्टर लईक अहमद को लाइक करते हैं सीएमओ
आखिर क्यों डॉक्टर लईक अहमद को लाइक करते हैं सीएमओ
नियम विरुद्ध तैनात उठा रहे अव्वल दर्जे का लाभ
मनोज कुमार शर्मा
बरेली। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर लईक अहमद अंसारी डिप्टी सीएमओ इसका उदाहरण बनकर सामने आए हैं। मूलतः बरेली के निवासी डॉ. अंसारी ने सेटिंग के सहारे शाहजहांपुर से बरेली ट्रांसफर करवाया। स्वास्थ्य विभाग नियमावली के अनुसार, किसी भी डॉक्टर को यदि गृह जनपद में तैनाती दी जाती है तो वह केवल चिकित्सा सेवाओं तक सीमित रहेगा। लेकिन डॉ. अंसारी को अस्पताल प्रशासन की खुली छूट मिल गई है। बरेली के भमोरा मूल तैनाती होने के और श्रेणी तीन के डॉक्टर होते हुए श्रेणी चार के पद उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। डॉ. लईक अहमद अंसारी की मूल तैनाती भमोरा सीएचसी के एफआरयू पर है, जहां उन्हें एक एनेस्थेसियोलॉजिस्ट के रूप में काम करना था और सिजेरियन ऑपरेशन जैसे जीवनरक्षक कार्यों में योगदान देना था। लेकिन विडंबना यह है कि वे वहां नजर तक नहीं आते। उनके स्थान पर वे सीएमओ कार्यालय में डिप्टी सीएमओ की कुर्सी संभाले हुए हैं। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने उन्हें जिले का झोलाछाप डॉक्टरों की मॉनिटरिंग, निजी अस्पतालों के पंजीकरण व नवीनीकरण जैसे गंभीर मामलों का नोडल अधिकारी बना दिया है। यह जिम्मेदारी नियम के अनुसार केवल श्रेणी चार के अधिकारी को ही दी जा सकती है। डॉ. अंसारी के इस पद पर बैठे होने से उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी तेजी से उभर रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों का दावा है कि नोडल अधिकारी होने के चलते डॉ. लाइक अपने करीबियों को अवैध तरीके से लाभ पहुंचाने में जुटे हैं। कई झोलाछाप डॉक्टरों को क्लीनचिट दिलवाना, निजी अस्पतालों को नियमों के विपरीत लाइसेंस दिलवाना और रिन्यू कराना ये सब आरोप उन पर गंभीर रूप से लगे हैं।उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं मजबूत करने की दिशा में बड़े-बड़े फैसले ले रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग के अंदरखाने कुछ ऐसे चेहरे हैं जो इस मंशा पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।