पुलिस, आम जनमानस व कॉलेज में नए कानूनों पर हो प्रशिक्षण कार्यशालाएं: एडीजी
पुलिस, आम जनमानस व कॉलेज में नए कानूनों पर हो प्रशिक्षण कार्यशालाएं: एडीजी
अभियोजन कार्यालय पहुंचे ए डी जी जोन बरेली
नवीन लागू कानूनों पर हुई विस्तृत चर्चा
पुलिस को प्रशिक्षित करने हेतु दिए निर्देश
बरेली। एडीजी जोन बरेली रमित शर्मा मंगलवार को अभियोजन कार्यालय पहुंचे और अभियोजन अधिकारियों के साथ नवीन लागू कानून पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारीगण तथा आम जनमानस को प्रशिक्षित करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही नवीन लागू कानून के अंतर्गत दर्ज मुकदमों में प्रभावी पैरवी करने हेतु निर्देश दिए गए। नए कानून के अंतर्गत उच्च कोटि की विवेचना व साक्ष्य संकलन में क्या मानक हों, इस पर भी अभियोजन अधिकारियों से विस्तृत चर्चा हुई एवं विचारण को नवीन लागू कानून के अनुसार समय मध्य तरीके से पूर्ण करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त नवीन लागू भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के समंध में प्रशिक्षित करने हेतु पुलिस व आम जनमानस के लिए कार्यशालाएं आयोजन करने के लिए निर्देश दिये गए। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली अनुराग आर्य भी मौजूद रहे। एडीजी ने तीनों नवीन कानून के साथ-साथ गंभीर अपराधों के लंबित मुकदमों, महिलाओं सम्बन्धी अपराधों एवं गैंगस्टर एक्ट के लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण हेतु निर्देश दिए गए।
संयुक्त निदेशक अभियोजन बरेलीअवधेश पाण्डेय व अन्य सभी अभियोजन अधिकारियों द्वारा दोनों अधिकारियों का गर्मजोशी से पुष्प एवं मोमेंटो देकर स्वागत किया गया।
अभियोजन अधिकारियों द्वारा गम्भीर अपराधों की विवेचना में गुणात्मक सुधार हेतु सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
एडीजी जोन रमित शर्मा ने कहा कि अपराधियों पर शासन की जीरो टॉलरेंस नीति को लागू करते हुए फास्ट एक्शन,स्मार्ट इन्वेस्टिगेशन व अभियोजन द्वारा ठोस व प्रभावी पैरवी की जरूरत है और नए कानूनों के लागू होने से यदि अभियोजन व पुलिस सामंजस्य बनाकर कार्य करें तो अपराधी जल्द ही अंजाम तक पहुंचेंगे और पीड़ितों को समयबद्ध व त्वरित न्याय प्राप्त हो सकेगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने भी अपराधियों को सजा दिलाकर पीड़ितों को त्वरित व समयबद्ध न्याय दिलाने हेतु समुचित सुझाव दिए। अवधेश पाण्डेय, संयुक्त निदेशक अभियोजन बरेली ने कई गंभीर आपराधिक प्रकरणों एवं महिलाओं के प्रति घटित होने वाले अपराधों के संबंध में चर्चा की व नवीन कानूनों पर प्रशिक्षण हेतु अभियोजन अधिकारियों को नामित किया।
इस परिचर्चा में एसपीओ रुदरेंद्र श्रीवास्तव, अभियोजन अधिकारी विपर्णा गौड़, पूनम, नुसरत,सत्येंद्र मौर्य, नीलेश, रवि मिश्र, शशि भूषण, अमित, राम प्रकाश, पियुष पाण्डेय द्वारा भी अपने-अपने सुझाव रखे गए।