Thursday, 06-08-2026
नमस्कार हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेसा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91-9997782004 , हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें | अन्य शहरों की ख़बरें देने के लिए एवं रिपोर्टर बनने के लिए संपर्क कर सकते है (संपादक : अरविन्दर सिंह मिक्की) मोबाइल नंबर : +91-9997782004

एक साथ दो फर्ज निभाते हुए कर रहीं समाज की सेवा, सीओ दीपशिखा

एक साथ दो फर्ज निभाते हुए कर रहीं समाज की सेवा, सीओ दीपशिखा


आन ड्यूटी के साथ आफ ड्यूटी में भी दे रही जनता को अपना सहयोग



बरेली।           पुलिस में सीओ के पद पर तैनात डॉक्टर दीपशिखा अहिबरन सिंह मूल रूप से मैनपुरी के गाँव नवादा में रहने वाले अहिबरन सिंह एवं अंजना सिंह की सबसे बड़ी पुत्री हैं। एक तरफ जहां इनके पिता अहिबरन सिंह मुंबई में आईआरएस आयुक्त के पद पर तैनात हैं तो वहीं माँ ग्रहणी है भाई लंदन में एमबीए कर रहा है और बहने सिविल सर्विस की तैयारी कर रही हैं एक खास मुलाकात में 2017 बैच की वर्तमान में सीओ दीपशिखा अहिबरन सिंह ने बताया कि उनकी पढ़ाई लिखाई सब मुंबई में हुई है वह बीडीएस हैं एवं इमरजेंसी स्पेशलाइजेशन के साथ कॉस्मेटिक डेंटिस्ट भी है। वह जहां पुलिस की वर्दी पहन कर सीओ पद पर तैनात रहते हुए जनता की सेवा कर रही हैं तो वही ऑफ ड्यूटी जनता को टिटमेंट भी देकर समाज की सेवा करती हैं बताते चलें 14 फरवरी को विधानसभा चुनाव के दौरान कोहाड़ापीर पर एक बूथ में एक महिला अचानक बेहोश हो गई थी एंबुलेंस आने से पहले ही मैडम ने डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए महिला का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया था। सीओ दीपशिखा ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि वह एक साथ दो प्रकार की सेवाएं देकर जनता की सेवा कर रही हैं जब मैम के शौक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनको घूमना अत्यधिक पसंद है। महिला दिवस को मुख्य रखते हुए सीओ मैडम से एक प्रश्न यह भी किया गया कि आज के वक्त में महिलाएं कानून का दुरुपयोग करते हुए दूसरों पर जो झूठे आरोप लगा देती हैं उसके बारे में वह क्या कहना चाहेंगी ? तो मैंम ने बताया कि महिलाओं को चाहिए कि वह सत्यता को ही अपनाएं क्योंकि ऐसे झूठे आरोपों के कारण सही लोगों को न्याय मिलने में मुश्किल पैदा होती है। आज के युग की नारी को संदेश देते हुए उन्होंने बताया कि संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए अपने पैरों पर हर महिला को खुद खड़े होना चाहिए जिससे महिला सशक्तिकरण की पहचान हो सके।

whatsapp whatsapp