पिता पर मालिक ने बीज भरी बोरियां गिराकर कर दी हत्या, बेटी ने लगाया आरोप
पिता पर मालिक ने बीज भरी बोरियां गिराकर कर दी हत्या, बेटी ने लगाया आरोप
दुकान मालिक पर कार्यवाही के लिये कप्तान से मुलाकात
दो माह की रोक रखी थी तनख्वाह
बरेली। बीज भरी बोरियों के नीचे दबकर संजय नगर निवासी एक व्यक्ति ओमप्रकाश की गर्दन टूट गई जिससे उसकी मौत हो गई मृतक की बेटी ज्योति पत्नी स्वर्गीय विवेक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश होकर मृतक पिता के मालिक पर आरोप लगाया है ज्योति ने बताया कि उसके पिता स्टेडियम रोड इस्थित श्रीनाथ ट्रेंडिंग कंपनी पर 15 हजार रुपए प्रति महा की तनख्वाह पर कार्य करते थे दुकान के मालिक रमन कक्कड़ उर्फ बंटी ने उनकी 2 माह से उनकी तनख्वाह रोक रखी थी एवं मृतक ने कुछ दिन पहले ही घर पर बताया था कि जिन तख्तो पर बोरिया लगी हुई है वह बहुत कमजोर है। जिस वजह से जान का खतरा बना हुआ है जिस दिन मालिक पूरी तनखा दे देगा उसके बाद मैं वहां काम नहीं करूंगा प्रार्थिनी ने बताया की 17 मार्च को दुकान स्वामी के कहने पर वह दुकान में रखी बोरियों की गिनती कर रहे थे जबकि बोरिया हिल रही थीं। इस बात की शिकायत दुकान के मालिक बंटी एवं साझेदार अजय चौधरी से की तो दोनों ने उल्टा मृतक ओम प्रकाश को ही हड़का दिया। प्रार्थिनी ने आरोप लगाया है कि जान से मारने की नियत से बंटी ने बोरियों को उसके पिता के ऊपर उलट दिया जिससे बोरियों के नीचे दबने से उसके पिता की गर्दन की हड्डी टूट गई जिसकी सूचना आसपास के पल्लेदारों ने घर पर दी मालिक ने अन्य पल्लेदारों के माध्यम से घायल ओमप्रकाश को प्राइवेट अस्पताल भेज दिया जहां परिवार के लोग पहुंचे तो डॉक्टर ने हालत गंभीर बताते हुये किसी अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी अस्पताल में भर्ती नहीं किया उसके बाद जब वह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और भर्ती कराया ओम प्रकाश ने मरने से पहले यह बताया था की बंटी एवं अजय चौधरी ने जबरदस्ती बोरियों को उनके ऊपर पलट दिया था घायल की 19 मार्च को रोहिलखंड अस्पताल में मृत्यु हो गई जिसके बाद बारादरी पुलिस ने पोस्टमार्टम भी कराया था। दाह संस्कार करने के बाद प्रार्थना पत्र दिया गया था परंतु अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की है 12 अप्रैल को क्षेत्राधिकारी एवं 20 मई को पुलिस अधीक्षक नगर के समक्ष प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं प्रार्थिनी ने मांग की है कि उसके पिता की मृत्यु करने वाले दोनों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए।