वक्त की ठोकरे और अपनों का बलिदान, ऐसा मिला मुकाम
वक्त की ठोकरे और अपनों का बलिदान, ऐसा मिला मुकाम
मां का हत्यारा गया जेल, पीड़िता ने खोल लिया कैफे
बरेली आपने यह सुना ही होगा की वही घड़ा नहीं से पर उतरता है जो तेज आग को सह कर पकता है। यह बात बिल्कुल सही है परंतु यह भी सत्य है की व्यक्ति भी परेशानियों से तब पार उतरता है जब वह कड़े वक्त की मशक्कत से निकला हो ऐसा ही मामला सामने आया है बरेली का जहां थाना प्रेम नगर क्षेत्र के चाहबाई निवासी मनी सक्सेना पुत्री अनिल कुमार सक्सेना ने संजय नगर में रहने वाले मनमोहन सिंह के साथ विवाह किया था परंतु पति का किसी अन्य युवती से प्रेम प्रसंग होने के कारण मार्च 2022 में मनी अपने घर वापस आ गई और केस दायर कर दिया उसकी बहन जैसी वकील कविता सक्सेना के परिश्रम से मामला इतना बड़ा की रंजिश रखते हुए मनमोहन ने अपनी कार से आईवीआरआई पुल के ऊपर 25 सितंबर 2022 को ऐसी जबरदस्त टक्कर मारी की मौके पर मनी सक्सेना की मां नीलम सक्सेना का देहांत हो गया तभी से मनी ने तमाम अधिकारियों के पास चक्कर काटते हुए न्याय की गुहार लगाई और आखिर इनाम घोषित होने के बाद आरोपी मनमोहन सिंह को 3 अक्टूबर 2022 को जेल भेज दिया गया। घटना में घायल हुए पीड़िता के पिता अनिल कुमार भी काफी लंबे इलाज के बाद अपने पैरों पर खड़े हुए तब पीड़िता ने अपने पिता का सहारा बनते हुए अब दीनदयाल पुरम में कड़े परिश्रम के बाद वी लव कैफे के नाम से एक कैसे खोला है मनी ने बताया कि वह अपने पिता का सहारा बनते हुए आत्मनिर्भर बनना चाहती है।